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VedicSpaceपंचांगटोरंटो › 2027-04-07

टोरंटो पंचांग — 7 अप्रैल 2027

शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि, रेवती नक्षत्र · बुधवार · ओंटारियो (43.6532°, -79.3832°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मीन (फाल्गुन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना टोरंटो (43.6532°, -79.3832°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:49 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष प्रतिपदातक 06:59 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्ररेवती · पाद 4तक 08:55 AMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगवैधृतितक 08:06 PMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणकिंस्तुघ्नतक 07:28 AMस्थिर करण — शुभ, उत्तम आरम्भ का पोषक।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:49 AM
सूर्यास्त07:52 PM
चन्द्रोदय06:48 AM
चन्द्रास्त09:01 PM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशिमीन
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त05:13 AM – 06:01 AM
अमृत काल07:21 AM – 08:57 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:20 PM – 02:58 PM
गुलिक काल11:42 AM – 01:20 PM
यमगण्ड08:26 AM – 10:04 AM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त12:54 PM – 01:46 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त10:17 AM – 11:10 AM

दिन चौघड़िया

लाभ06:49 AM – 08:26 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:26 AM – 10:04 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:04 AM – 11:42 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:42 AM – 01:20 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:20 PM – 02:58 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:58 PM – 04:36 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:36 PM – 06:14 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ06:14 PM – 07:52 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग07:52 PM – 09:14 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:14 PM – 10:36 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:36 PM – 11:58 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:58 PM – 01:20 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:20 AM – 02:42 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:42 AM – 04:04 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:04 AM – 05:26 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:26 AM – 06:49 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle