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VedicSpaceपंचांगटोरंटो › 2027-04-22

टोरंटो पंचांग — 22 अप्रैल 2027

कृष्ण पक्ष द्वितीया तिथि, विशाखा नक्षत्र · गुरुवार · ओंटारियो (43.6532°, -79.3832°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना टोरंटो (43.6532°, -79.3832°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:23 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष द्वितीयातक 06:07 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रविशाखा · पाद 2तक 08:02 PMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगव्यतीपाततक 04:43 AMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणगरतक 06:07 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:23 AM
सूर्यास्त08:09 PM
चन्द्रोदय10:47 PM
चन्द्रास्त06:43 AM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:48 PM – 01:43 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:47 AM – 05:35 AM
अमृत काल11:17 AM – 12:56 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:59 PM – 04:42 PM
गुलिक काल09:49 AM – 11:32 AM
यमगण्ड06:23 AM – 08:06 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त02:38 PM – 03:33 PM
दुर्मुहूर्त06:18 PM – 07:13 PM

दिन चौघड़िया

शुभ06:23 AM – 08:06 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:06 AM – 09:49 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:49 AM – 11:32 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:32 AM – 01:16 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:16 PM – 02:59 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:59 PM – 04:42 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:42 PM – 06:25 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ06:25 PM – 08:09 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत08:09 PM – 09:25 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:25 PM – 10:42 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:42 PM – 11:59 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:59 PM – 01:16 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:16 AM – 02:32 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:32 AM – 03:49 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:49 AM – 05:06 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:06 AM – 06:23 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle