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VedicSpaceपंचांगटोरंटो › 2027-05-03

टोरंटो पंचांग — 3 मई 2027

कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र · सोमवार · ओंटारियो (43.6532°, -79.3832°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना टोरंटो (43.6532°, -79.3832°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:07 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष द्वादशीतक 10:34 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रउत्तराभाद्रपद · पाद 3तक 05:49 PMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगवैधृतितक 08:09 AMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणतैतिलतक 10:34 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:07 AM
सूर्यास्त08:22 PM
चन्द्रोदय04:28 AM
चन्द्रास्त05:30 PM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:31 AM – 05:19 AM
अमृत काल01:03 PM – 02:40 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल07:53 AM – 09:40 AM
गुलिक काल03:01 PM – 04:48 PM
यमगण्ड11:27 AM – 01:14 PM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त12:46 PM – 01:43 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त04:34 PM – 05:31 PM

दिन चौघड़िया

अमृत06:07 AM – 07:53 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:53 AM – 09:40 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:40 AM – 11:27 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:27 AM – 01:14 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:14 PM – 03:01 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:01 PM – 04:48 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:48 PM – 06:35 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत06:35 PM – 08:22 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर08:22 PM – 09:35 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:35 PM – 10:48 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:48 PM – 12:01 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:01 AM – 01:14 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:14 AM – 02:27 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:27 AM – 03:40 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:40 AM – 04:53 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:53 AM – 06:07 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle