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VedicSpaceपंचांगटोरंटो › 2027-05-17

टोरंटो पंचांग — 17 मई 2027

शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि, चित्रा नक्षत्र · सोमवार · ओंटारियो (43.6532°, -79.3832°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949वृषभ (वैशाख)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना टोरंटो (43.6532°, -79.3832°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:50 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष द्वादशीतक 06:58 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रचित्रा · पाद 1तक 02:13 AMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगसिद्धितक 03:40 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 06:58 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:50 AM
सूर्यास्त08:38 PM
चन्द्रोदय06:11 PM
चन्द्रास्त03:50 AM
चन्द्र राशिकन्या
सूर्य राशिवृषभ
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:14 AM – 05:02 AM
अमृत काल07:34 PM – 09:11 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल07:41 AM – 09:32 AM
गुलिक काल03:05 PM – 04:56 PM
यमगण्ड11:23 AM – 01:14 PM
वर्ज्यम्09:52 AM – 11:29 AM
अभिजित मुहूर्त12:44 PM – 01:43 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त04:41 PM – 05:40 PM

दिन चौघड़िया

अमृत05:50 AM – 07:41 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:41 AM – 09:32 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:32 AM – 11:23 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:23 AM – 01:14 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:14 PM – 03:05 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:05 PM – 04:56 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:56 PM – 06:47 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत06:47 PM – 08:38 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर08:38 PM – 09:47 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:47 PM – 10:56 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:56 PM – 12:05 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:05 AM – 01:14 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:14 AM – 02:23 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:23 AM – 03:32 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:32 AM – 04:41 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:41 AM – 05:50 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle