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VedicSpaceपंचांगउदयपुर › 2026-11-08

उदयपुर पंचांग — 8 नवम्बर 2026

कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि, स्वाती नक्षत्र · रविवार · राजस्थान (24.5854°, 73.7125°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना उदयपुर (24.5854°, 73.7125°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:46 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष चतुर्दशीतक 11:28 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रस्वाती · पाद 1तक 07:24 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगआयुष्मान्तक 03:03 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणशकुनितक 11:28 AMस्थिर करण — औषधि, मन्त्र; शुभ आरम्भ वर्जित।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:46 AM
सूर्यास्त05:51 PM
चन्द्रोदय05:49 AM
चन्द्रास्त04:57 PM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:56 AM – 12:40 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:10 AM – 05:58 AM
अमृत काल10:48 PM – 12:30 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:27 PM – 05:51 PM
गुलिक काल03:04 PM – 04:27 PM
यमगण्ड12:18 PM – 01:41 PM
वर्ज्यम्12:35 PM – 02:18 PM
दुर्मुहूर्त04:22 PM – 05:06 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:46 AM – 08:09 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:09 AM – 09:32 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:32 AM – 10:55 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:55 AM – 12:18 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:18 PM – 01:41 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:41 PM – 03:04 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:04 PM – 04:27 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:27 PM – 05:51 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ05:51 PM – 07:27 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:27 PM – 09:04 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:04 PM – 10:41 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:41 PM – 12:18 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:18 AM – 01:55 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:55 AM – 03:32 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:32 AM – 05:09 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:09 AM – 06:46 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle