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VedicSpaceपंचांगउज्जैन › 2026-12-06

उज्जैन पंचांग — 6 दिसम्बर 2026

कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि, स्वाती नक्षत्र · रविवार · मध्य प्रदेश (23.1765°, 75.7885°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना उज्जैन (23.1765°, 75.7885°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:54 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष त्रयोदशीतक 02:22 AMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रस्वाती · पाद 3तक 01:38 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगशोभनतक 07:41 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 01:34 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:54 AM
सूर्यास्त05:41 PM
चन्द्रोदय04:29 AM
चन्द्रास्त03:28 PM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:55 AM – 12:39 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:18 AM – 06:06 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:20 PM – 05:41 PM
गुलिक काल02:59 PM – 04:20 PM
यमगण्ड12:17 PM – 01:38 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त04:14 PM – 04:57 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:54 AM – 08:14 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:14 AM – 09:35 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:35 AM – 10:56 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:56 AM – 12:17 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:17 PM – 01:38 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:38 PM – 02:59 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:59 PM – 04:20 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:20 PM – 05:41 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ05:41 PM – 07:20 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:20 PM – 08:59 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:59 PM – 10:38 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:38 PM – 12:17 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:17 AM – 01:56 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:56 AM – 03:35 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:35 AM – 05:14 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:14 AM – 06:54 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle