VedicSpace › पंचांग › वडोदरा › 2026-08-01
कृष्ण पक्ष तृतीया तिथि, शतभिषा नक्षत्र · शनिवार · गुजरात (22.3072°, 73.1812°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना वडोदरा (22.3072°, 73.1812°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:09 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष तृतीया | तक 11:07 PM | जया तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | शनिवार | — | श्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | शतभिषा · पाद 2 | तक 08:45 PM | चर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म। |
| योग | शोभन | तक 11:23 PM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | वणिज | तक 10:53 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 06:09 AM |
| सूर्यास्त | 07:18 PM |
| चन्द्रोदय | 09:09 PM |
| चन्द्रास्त | 08:17 AM |
| चन्द्र राशि | कुम्भ |
| सूर्य राशि | कर्क |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · ग्रीष्म |
| अभिजित मुहूर्त | 12:17 PM – 01:09 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:33 AM – 05:21 AM |
| अमृत काल | 01:20 PM – 03:01 PM |
| राहु काल | 09:26 AM – 11:04 AM |
| गुलिक काल | 06:09 AM – 07:47 AM |
| यमगण्ड | 02:22 PM – 04:00 PM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 09:39 AM – 10:32 AM |
| दुर्मुहूर्त | 02:55 PM – 03:47 PM |
| काल | 06:09 AM – 07:47 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 07:47 AM – 09:26 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 09:26 AM – 11:04 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 11:04 AM – 12:43 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 12:43 PM – 02:22 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 02:22 PM – 04:00 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 04:00 PM – 05:39 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 05:39 PM – 07:18 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| लाभ | 07:18 PM – 08:39 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 08:39 PM – 10:00 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 10:00 PM – 11:22 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 11:22 PM – 12:43 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 12:43 AM – 02:04 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 02:04 AM – 03:26 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 03:26 AM – 04:47 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 04:47 AM – 06:09 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
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