VedicSpace › पंचांग › वडोदरा › 2026-10-08
कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि, पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र · गुरुवार · गुजरात (22.3072°, 73.1812°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना वडोदरा (22.3072°, 73.1812°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:31 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष त्रयोदशी | तक 10:16 PM | जया तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | गुरुवार | — | सर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान। |
| नक्षत्र | पूर्वा फाल्गुनी · पाद 2 | तक 09:20 PM | उग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित। |
| योग | शुक्ल | तक 12:58 AM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | गर | तक 10:44 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 06:31 AM |
| सूर्यास्त | 06:19 PM |
| चन्द्रोदय | 04:14 AM |
| चन्द्रास्त | 04:44 PM |
| चन्द्र राशि | सिंह |
| सूर्य राशि | कन्या |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · वर्षा |
| अभिजित मुहूर्त | 12:01 PM – 12:48 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:55 AM – 05:43 AM |
| अमृत काल | 03:31 PM – 05:06 PM |
| राहु काल | 01:53 PM – 03:22 PM |
| गुलिक काल | 09:28 AM – 10:56 AM |
| यमगण्ड | 06:31 AM – 07:59 AM |
| वर्ज्यम् | 06:02 AM – 07:37 AM |
| दुर्मुहूर्त | 01:35 PM – 02:23 PM |
| दुर्मुहूर्त | 04:44 PM – 05:31 PM |
| शुभ | 06:31 AM – 07:59 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 07:59 AM – 09:28 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 09:28 AM – 10:56 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 10:56 AM – 12:25 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 12:25 PM – 01:53 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 01:53 PM – 03:22 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 03:22 PM – 04:50 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 04:50 PM – 06:19 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| अमृत | 06:19 PM – 07:50 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 07:50 PM – 09:22 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 09:22 PM – 10:53 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 10:53 PM – 12:25 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 12:25 AM – 01:56 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 01:56 AM – 03:28 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 03:28 AM – 04:59 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 04:59 AM – 06:31 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
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