VedicSpace › पंचांग › वडोदरा › 2026-11-01
कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि, पुष्य नक्षत्र · रविवार · गुजरात (22.3072°, 73.1812°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना वडोदरा (22.3072°, 73.1812°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:41 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष सप्तमी | तक 02:52 PM | भद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक। |
| वार | रविवार | — | अधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण। |
| नक्षत्र | पुष्य · पाद 1 | तक 04:30 AM | क्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य। |
| योग | साध्य | तक 02:39 PM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | बव | तक 02:52 PM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 06:41 AM |
| सूर्यास्त | 06:00 PM |
| चन्द्रोदय | 12:09 AM |
| चन्द्रास्त | 12:46 PM |
| चन्द्र राशि | कर्क |
| सूर्य राशि | तुला |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · शरद् |
| अभिजित मुहूर्त | 11:57 AM – 12:43 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:05 AM – 05:53 AM |
| अमृत काल | 11:06 PM – 12:37 AM |
| राहु काल | 04:35 PM – 06:00 PM |
| गुलिक काल | 03:10 PM – 04:35 PM |
| यमगण्ड | 12:20 PM – 01:45 PM |
| वर्ज्यम् | 01:57 PM – 03:29 PM |
| दुर्मुहूर्त | 04:29 PM – 05:14 PM |
| उद्वेग | 06:41 AM – 08:05 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 08:05 AM – 09:30 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 09:30 AM – 10:55 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 10:55 AM – 12:20 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 12:20 PM – 01:45 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 01:45 PM – 03:10 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 03:10 PM – 04:35 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 04:35 PM – 06:00 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 06:00 PM – 07:35 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 07:35 PM – 09:10 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 09:10 PM – 10:45 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 10:45 PM – 12:20 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 12:20 AM – 01:55 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 01:55 AM – 03:30 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 03:30 AM – 05:05 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 05:05 AM – 06:41 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
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