VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगवडोदरा › 2026-12-11

वडोदरा पंचांग — 11 दिसम्बर 2026

शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि, पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र · शुक्रवार · गुजरात (22.3072°, 73.1812°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना वडोदरा (22.3072°, 73.1812°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:06 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष द्वितीयातक 11:23 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रपूर्वाषाढ़ा · पाद 1तक 03:04 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगगण्डतक 10:18 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणकौलवतक 11:23 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:06 AM
सूर्यास्त05:55 PM
चन्द्रोदय09:02 AM
चन्द्रास्त07:44 PM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:08 PM – 12:52 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:30 AM – 06:18 AM
अमृत काल10:45 PM – 12:33 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:09 AM – 12:30 PM
गुलिक काल08:27 AM – 09:48 AM
यमगण्ड03:12 PM – 04:33 PM
वर्ज्यम्11:54 AM – 01:42 PM
दुर्मुहूर्त11:25 AM – 12:08 PM
दुर्मुहूर्त02:18 PM – 03:01 PM

दिन चौघड़िया

चर07:06 AM – 08:27 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:27 AM – 09:48 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:48 AM – 11:09 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:09 AM – 12:30 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:30 PM – 01:51 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:51 PM – 03:12 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:12 PM – 04:33 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:33 PM – 05:55 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग05:55 PM – 07:33 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:33 PM – 09:12 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:12 PM – 10:51 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:51 PM – 12:30 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:30 AM – 02:09 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:09 AM – 03:48 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:48 AM – 05:27 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:27 AM – 07:06 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle