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VedicSpaceपंचांगवडोदरा › 2027-01-05

वडोदरा पंचांग — 5 जनवरी 2027

कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि, ज्येष्ठा नक्षत्र · मङ्गलवार · गुजरात (22.3072°, 73.1812°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949धनु (मार्गशीर्ष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना वडोदरा (22.3072°, 73.1812°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:18 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष त्रयोदशीतक 08:40 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रज्येष्ठा · पाद 1तक 03:07 AMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगगण्डतक 12:43 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणगरतक 07:26 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:18 AM
सूर्यास्त06:07 PM
चन्द्रोदय05:18 AM
चन्द्रास्त03:53 PM
चन्द्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशिधनु
अयन · ऋतुदक्षिणायन · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:20 PM – 01:04 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:42 AM – 06:30 AM
अमृत काल06:33 PM – 08:21 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल03:24 PM – 04:45 PM
गुलिक काल12:42 PM – 02:03 PM
यमगण्ड10:00 AM – 11:21 AM
वर्ज्यम्07:48 AM – 09:35 AM
दुर्मुहूर्त11:37 AM – 12:20 PM
दुर्मुहूर्त02:30 PM – 03:13 PM

दिन चौघड़िया

रोग07:18 AM – 08:39 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:39 AM – 10:00 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:00 AM – 11:21 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:21 AM – 12:42 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:42 PM – 02:03 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:03 PM – 03:24 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:24 PM – 04:45 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:45 PM – 06:07 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल06:07 PM – 07:45 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:45 PM – 09:24 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:24 PM – 11:03 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:03 PM – 12:42 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:42 AM – 02:21 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:21 AM – 04:00 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:00 AM – 05:39 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:39 AM – 07:18 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle