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VedicSpaceपंचांगवडोदरा › 2027-01-22

वडोदरा पंचांग — 22 जनवरी 2027

शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि, पुनर्वसु नक्षत्र · शुक्रवार · गुजरात (22.3072°, 73.1812°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मकर (पौष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना वडोदरा (22.3072°, 73.1812°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:18 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष पूर्णिमातक 05:47 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रपुनर्वसु · पाद 4तक 10:25 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगविष्कुम्भतक 01:50 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणविष्टि (भद्रा)तक 07:38 AMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:18 AM
सूर्यास्त06:19 PM
चन्द्रोदय06:20 PM
चन्द्रास्त07:00 AM
चन्द्र राशिकर्क
सूर्य राशिमकर
अयन · ऋतुउत्तरायण · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:26 PM – 01:10 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:42 AM – 06:30 AM
अमृत काल09:37 AM – 11:01 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:25 AM – 12:48 PM
गुलिक काल08:40 AM – 10:03 AM
यमगण्ड03:33 PM – 04:56 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:42 AM – 12:26 PM
दुर्मुहूर्त02:38 PM – 03:22 PM

दिन चौघड़िया

चर07:18 AM – 08:40 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:40 AM – 10:03 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:03 AM – 11:25 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:25 AM – 12:48 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:48 PM – 02:11 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:11 PM – 03:33 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:33 PM – 04:56 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:56 PM – 06:19 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग06:19 PM – 07:56 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:56 PM – 09:33 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:33 PM – 11:11 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:11 PM – 12:48 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:48 AM – 02:25 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:25 AM – 04:03 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:03 AM – 05:40 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:40 AM – 07:18 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle