VedicSpace › पंचांग › वडोदरा › 2027-04-05
कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि, पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र · सोमवार · गुजरात (22.3072°, 73.1812°)
दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मीन (फाल्गुन)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना वडोदरा (22.3072°, 73.1812°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:27 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष चतुर्दशी | तक 05:40 AM | रिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु। |
| वार | सोमवार | — | यात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म। |
| नक्षत्र | पूर्वाभाद्रपद · पाद 3 | तक 05:47 PM | उग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित। |
| योग | शुक्ल | तक 09:47 AM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | विष्टि (भद्रा) | तक 05:37 PM | भद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु। |
| सूर्योदय | 06:27 AM |
| सूर्यास्त | 06:54 PM |
| चन्द्रोदय | 05:13 AM |
| चन्द्रास्त | 05:27 PM |
| चन्द्र राशि | कुम्भ |
| सूर्य राशि | मीन |
| अयन · ऋतु | उत्तरायण · शिशिर |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:51 AM – 05:39 AM |
| अमृत काल | 09:52 AM – 11:33 AM |
| राहु काल | 08:00 AM – 09:33 AM |
| गुलिक काल | 02:13 PM – 03:47 PM |
| यमगण्ड | 11:07 AM – 12:40 PM |
| वर्ज्यम् | — |
| अभिजित मुहूर्त | 12:15 PM – 01:05 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया। |
| दुर्मुहूर्त | 03:34 PM – 04:24 PM |
| अमृत | 06:27 AM – 08:00 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 08:00 AM – 09:33 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 09:33 AM – 11:07 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 11:07 AM – 12:40 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 12:40 PM – 02:13 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 02:13 PM – 03:47 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 03:47 PM – 05:20 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 05:20 PM – 06:54 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| चर | 06:54 PM – 08:20 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 08:20 PM – 09:47 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 09:47 PM – 11:13 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 11:13 PM – 12:40 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 12:40 AM – 02:07 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 02:07 AM – 03:33 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 03:33 AM – 05:00 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 05:00 AM – 06:27 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
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