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VedicSpaceपंचांगवडोदरा › 2027-07-11

वडोदरा पंचांग — 11 जुलाई 2027

शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि, चित्रा नक्षत्र · रविवार · गुजरात (22.3072°, 73.1812°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मिथुन (ज्येष्ठ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना वडोदरा (22.3072°, 73.1812°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:00 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष अष्टमीतक 11:50 AMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रचित्रा · पाद 2तक 11:05 PMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगशिवतक 02:36 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबवतक 11:50 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:00 AM
सूर्यास्त07:25 PM
चन्द्रोदय01:17 PM
चन्द्रास्त12:37 AM
चन्द्र राशिकन्या
सूर्य राशिमिथुन
अयन · ऋतुउत्तरायण · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:15 PM – 01:09 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:24 AM – 05:12 AM
अमृत काल04:36 PM – 06:13 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल05:44 PM – 07:25 PM
गुलिक काल04:03 PM – 05:44 PM
यमगण्ड12:42 PM – 02:23 PM
वर्ज्यम्06:52 AM – 08:29 AM
दुर्मुहूर्त05:37 PM – 06:31 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:00 AM – 07:40 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:40 AM – 09:21 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:21 AM – 11:01 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:01 AM – 12:42 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:42 PM – 02:23 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:23 PM – 04:03 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:03 PM – 05:44 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:44 PM – 07:25 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ07:25 PM – 08:44 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:44 PM – 10:03 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:03 PM – 11:23 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:23 PM – 12:42 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:42 AM – 02:01 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:01 AM – 03:21 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:21 AM – 04:40 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:40 AM – 06:00 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle