VedicSpace › पंचांग › वडोदरा › 2027-09-23
कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि, मृगशिरा नक्षत्र · गुरुवार · गुजरात (22.3072°, 73.1812°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कन्या (भाद्रपद)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना वडोदरा (22.3072°, 73.1812°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:26 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष अष्टमी | तक 02:57 AM | जया तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | गुरुवार | — | सर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान। |
| नक्षत्र | मृगशिरा · पाद 3 | तक 05:07 PM | मृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख। |
| योग | व्यतीपात | तक 11:35 PM | महापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित। |
| करण | बालव | तक 03:50 PM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 06:26 AM |
| सूर्यास्त | 06:33 PM |
| चन्द्रोदय | 12:08 AM |
| चन्द्रास्त | 01:06 PM |
| चन्द्र राशि | मिथुन |
| सूर्य राशि | कन्या |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · वर्षा |
| अभिजित मुहूर्त | 12:05 PM – 12:53 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:50 AM – 05:38 AM |
| अमृत काल | 09:03 AM – 10:36 AM |
| राहु काल | 02:00 PM – 03:31 PM |
| गुलिक काल | 09:27 AM – 10:58 AM |
| यमगण्ड | 06:26 AM – 07:56 AM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 01:42 PM – 02:30 PM |
| दुर्मुहूर्त | 04:56 PM – 05:44 PM |
| शुभ | 06:26 AM – 07:56 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 07:56 AM – 09:27 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 09:27 AM – 10:58 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 10:58 AM – 12:29 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 12:29 PM – 02:00 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 02:00 PM – 03:31 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 03:31 PM – 05:02 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 05:02 PM – 06:33 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| अमृत | 06:33 PM – 08:02 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 08:02 PM – 09:31 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 09:31 PM – 11:00 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 11:00 PM – 12:29 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 12:29 AM – 01:58 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 01:58 AM – 03:27 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 03:27 AM – 04:56 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 04:56 AM – 06:26 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
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