VedicSpace › पंचांग › वाराणसी › 2026-03-21
शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि, अश्विनी नक्षत्र · शनिवार · उत्तर प्रदेश (25.3176°, 82.9739°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मीन (फाल्गुन)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना वाराणसी (25.3176°, 82.9739°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:01 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल पक्ष तृतीया | तक 11:56 PM | जया तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | शनिवार | — | श्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | अश्विनी · पाद 1 | तक 12:37 AM | क्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य। |
| योग | इन्द्र | तक 07:01 PM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | तैतिल | तक 01:15 PM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 06:01 AM |
| सूर्यास्त | 06:10 PM |
| चन्द्रोदय | 07:16 AM |
| चन्द्रास्त | 08:36 PM |
| चन्द्र राशि | मेष |
| सूर्य राशि | मीन |
| अयन · ऋतु | उत्तरायण · शिशिर |
| अभिजित मुहूर्त | 11:41 AM – 12:29 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:25 AM – 05:13 AM |
| अमृत काल | 06:00 PM – 07:28 PM |
| राहु काल | 09:03 AM – 10:34 AM |
| गुलिक काल | 06:01 AM – 07:32 AM |
| यमगण्ड | 01:36 PM – 03:07 PM |
| वर्ज्यम् | 08:57 PM – 10:26 PM |
| दुर्मुहूर्त | 09:15 AM – 10:04 AM |
| दुर्मुहूर्त | 02:07 PM – 02:55 PM |
| काल | 06:01 AM – 07:32 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 07:32 AM – 09:03 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 09:03 AM – 10:34 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 10:34 AM – 12:05 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 12:05 PM – 01:36 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 01:36 PM – 03:07 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 03:07 PM – 04:38 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 04:38 PM – 06:10 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| लाभ | 06:10 PM – 07:38 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 07:38 PM – 09:07 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 09:07 PM – 10:36 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 10:36 PM – 12:05 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 12:05 AM – 01:34 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 01:34 AM – 03:03 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 03:03 AM – 04:32 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 04:32 AM – 06:01 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
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