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VedicSpaceपंचांगवाराणसी › 2026-05-17

वाराणसी पंचांग — 17 मई 2026

शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि, कृत्तिका नक्षत्र · रविवार · उत्तर प्रदेश (25.3176°, 82.9739°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृषभ (वैशाख)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना वाराणसी (25.3176°, 82.9739°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:12 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष प्रतिपदातक 09:41 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रकृत्तिका · पाद 3तक 02:32 PMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगशोभनतक 06:15 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणकिंस्तुघ्नतक 11:36 AMस्थिर करण — शुभ, उत्तम आरम्भ का पोषक।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:12 AM
सूर्यास्त06:37 PM
चन्द्रोदय05:14 AM
चन्द्रास्त07:25 PM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिवृषभ
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:27 AM – 12:21 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:36 AM – 04:24 AM
अमृत काल11:38 AM – 01:02 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:56 PM – 06:37 PM
गुलिक काल03:15 PM – 04:56 PM
यमगण्ड11:54 AM – 01:35 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त04:49 PM – 05:43 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग05:12 AM – 06:52 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर06:52 AM – 08:33 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:33 AM – 10:13 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:13 AM – 11:54 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:54 AM – 01:35 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:35 PM – 03:15 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:15 PM – 04:56 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:56 PM – 06:37 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:37 PM – 07:56 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:56 PM – 09:15 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:15 PM – 10:35 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:35 PM – 11:54 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:54 PM – 01:13 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:13 AM – 02:33 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:33 AM – 03:52 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:52 AM – 05:12 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle