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VedicSpaceपंचांगवाराणसी › 2026-06-15

वाराणसी पंचांग — 15 जून 2026

कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि, मृगशिरा नक्षत्र · सोमवार · उत्तर प्रदेश (25.3176°, 82.9739°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृषभ (वैशाख)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना वाराणसी (25.3176°, 82.9739°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:07 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष अमावस्यातक 08:24 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रमृगशिरा · पाद 2तक 07:08 PMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगशूलतक 08:55 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणनागतक 08:24 AMस्थिर करण — केवल कठोर / क्रूर कर्म।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:07 AM
सूर्यास्त06:50 PM
चन्द्रोदय04:55 AM
चन्द्रास्त07:20 PM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिवृषभ
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त03:31 AM – 04:19 AM
अमृत काल10:35 AM – 11:59 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल06:49 AM – 08:32 AM
गुलिक काल01:41 PM – 03:24 PM
यमगण्ड10:15 AM – 11:58 AM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त11:31 AM – 12:25 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त03:10 PM – 04:05 PM

दिन चौघड़िया

अमृत05:07 AM – 06:49 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल06:49 AM – 08:32 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:32 AM – 10:15 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:15 AM – 11:58 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:58 AM – 01:41 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:41 PM – 03:24 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:24 PM – 05:07 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:07 PM – 06:50 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर06:50 PM – 08:07 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:07 PM – 09:24 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:24 PM – 10:41 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:41 PM – 11:58 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:58 PM – 01:15 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:15 AM – 02:32 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:32 AM – 03:49 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:49 AM – 05:07 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle