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VedicSpaceपंचांगवाराणसी › 2026-07-09

वाराणसी पंचांग — 9 जुलाई 2026

कृष्ण पक्ष नवमी तिथि, अश्विनी नक्षत्र · गुरुवार · उत्तर प्रदेश (25.3176°, 82.9739°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मिथुन (ज्येष्ठ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना वाराणसी (25.3176°, 82.9739°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:14 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष नवमीतक 10:38 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रअश्विनी · पाद 3तक 02:56 PMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगसुकर्मातक 10:12 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 10:38 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:14 AM
सूर्यास्त06:52 PM
चन्द्रोदय12:07 AM
चन्द्रास्त01:31 PM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिमिथुन
अयन · ऋतुउत्तरायण · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:35 AM – 12:30 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:38 AM – 04:26 AM
अमृत काल07:21 AM – 08:52 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:45 PM – 03:27 PM
गुलिक काल08:38 AM – 10:20 AM
यमगण्ड05:14 AM – 06:56 AM
वर्ज्यम्10:23 AM – 11:53 AM
दुर्मुहूर्त01:24 PM – 02:19 PM
दुर्मुहूर्त05:02 PM – 05:57 PM

दिन चौघड़िया

शुभ05:14 AM – 06:56 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग06:56 AM – 08:38 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:38 AM – 10:20 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:20 AM – 12:03 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:03 PM – 01:45 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:45 PM – 03:27 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:27 PM – 05:09 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:09 PM – 06:52 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत06:52 PM – 08:09 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:09 PM – 09:27 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:27 PM – 10:45 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:45 PM – 12:03 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:03 AM – 01:20 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:20 AM – 02:38 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:38 AM – 03:56 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:56 AM – 05:14 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle