VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगवाराणसी › 2026-07-18

वाराणसी पंचांग — 18 जुलाई 2026

शुक्ल पक्ष पञ्चमी तिथि, पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र · शनिवार · उत्तर प्रदेश (25.3176°, 82.9739°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना वाराणसी (25.3176°, 82.9739°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:18 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष पञ्चमीतक 03:43 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रपूर्वा फाल्गुनी · पाद 2तक 06:00 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगवरीयान्तक 08:45 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबवतक 04:07 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:18 AM
सूर्यास्त06:50 PM
चन्द्रोदय09:17 AM
चन्द्रास्त09:41 PM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:36 AM – 12:31 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:42 AM – 04:30 AM
अमृत काल11:00 AM – 12:35 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल08:41 AM – 10:22 AM
गुलिक काल05:18 AM – 06:59 AM
यमगण्ड01:45 PM – 03:27 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त08:54 AM – 09:48 AM
दुर्मुहूर्त02:19 PM – 03:13 PM

दिन चौघड़िया

काल05:18 AM – 06:59 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ06:59 AM – 08:41 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:41 AM – 10:22 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:22 AM – 12:04 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:04 PM – 01:45 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:45 PM – 03:27 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:27 PM – 05:08 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:08 PM – 06:50 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ06:50 PM – 08:08 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:08 PM – 09:27 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:27 PM – 10:45 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:45 PM – 12:04 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:04 AM – 01:22 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:22 AM – 02:41 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:41 AM – 03:59 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:59 AM – 05:18 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle