VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगवाराणसी › 2026-08-06

वाराणसी पंचांग — 6 अगस्त 2026

कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि, भरणी नक्षत्र · गुरुवार · उत्तर प्रदेश (25.3176°, 82.9739°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना वाराणसी (25.3176°, 82.9739°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:27 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष अष्टमीतक 06:53 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रभरणी · पाद 2तक 08:13 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगगण्डतक 03:00 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणबालवतक 07:51 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:27 AM
सूर्यास्त06:41 PM
चन्द्रोदय11:30 PM
चन्द्रास्त12:26 PM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:37 AM – 12:30 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:51 AM – 04:39 AM
अमृत काल03:06 PM – 04:38 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:43 PM – 03:22 PM
गुलिक काल08:45 AM – 10:24 AM
यमगण्ड05:27 AM – 07:06 AM
वर्ज्यम्05:58 AM – 07:30 AM
दुर्मुहूर्त01:23 PM – 02:16 PM
दुर्मुहूर्त04:55 PM – 05:48 PM

दिन चौघड़िया

शुभ05:27 AM – 07:06 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:06 AM – 08:45 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:45 AM – 10:24 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:24 AM – 12:04 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:04 PM – 01:43 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:43 PM – 03:22 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:22 PM – 05:01 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:01 PM – 06:41 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत06:41 PM – 08:01 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:01 PM – 09:22 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:22 PM – 10:43 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:43 PM – 12:04 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:04 AM – 01:24 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:24 AM – 02:45 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:45 AM – 04:06 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:06 AM – 05:27 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle