VedicSpace › पंचांग › वाराणसी › 2026-09-01
कृष्ण पक्ष चतुर्थी तिथि, अश्विनी नक्षत्र · मङ्गलवार · उत्तर प्रदेश (25.3176°, 82.9739°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना वाराणसी (25.3176°, 82.9739°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:38 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष चतुर्थी | तक 07:42 AM | रिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु। |
| वार | मङ्गलवार | — | पराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | अश्विनी · पाद 1 | तक 02:42 AM | क्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य। |
| योग | वृद्धि | तक 11:38 PM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | बालव | तक 07:42 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 05:38 AM |
| सूर्यास्त | 06:18 PM |
| चन्द्रोदय | 08:46 PM |
| चन्द्रास्त | 09:17 AM |
| चन्द्र राशि | मेष |
| सूर्य राशि | सिंह |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · वर्षा |
| अभिजित मुहूर्त | 11:32 AM – 12:23 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:02 AM – 04:50 AM |
| अमृत काल | 07:21 PM – 08:54 PM |
| राहु काल | 03:08 PM – 04:43 PM |
| गुलिक काल | 11:58 AM – 01:33 PM |
| यमगण्ड | 08:48 AM – 10:23 AM |
| वर्ज्यम् | 10:27 PM – 12:00 AM |
| दुर्मुहूर्त | 10:42 AM – 11:32 AM |
| दुर्मुहूर्त | 02:04 PM – 02:55 PM |
| रोग | 05:38 AM – 07:13 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 07:13 AM – 08:48 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 08:48 AM – 10:23 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 10:23 AM – 11:58 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 11:58 AM – 01:33 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 01:33 PM – 03:08 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 03:08 PM – 04:43 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 04:43 PM – 06:18 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| काल | 06:18 PM – 07:43 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 07:43 PM – 09:08 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 09:08 PM – 10:33 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 10:33 PM – 11:58 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 11:58 PM – 01:23 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 01:23 AM – 02:48 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 02:48 AM – 04:13 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 04:13 AM – 05:38 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
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