VedicSpace › पंचांग › वाराणसी › 2026-09-14
शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि, चित्रा नक्षत्र · सोमवार · उत्तर प्रदेश (25.3176°, 82.9739°)
दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना वाराणसी (25.3176°, 82.9739°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:43 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल पक्ष तृतीया | तक 07:07 AM | जया तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | सोमवार | — | यात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म। |
| नक्षत्र | चित्रा · पाद 3 | तक 01:55 PM | मृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख। |
| योग | ब्रह्म | तक 12:46 PM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | गर | तक 07:07 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 05:43 AM |
| सूर्यास्त | 06:04 PM |
| चन्द्रोदय | 08:37 AM |
| चन्द्रास्त | 07:46 PM |
| चन्द्र राशि | तुला |
| सूर्य राशि | सिंह |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · वर्षा |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:07 AM – 04:55 AM |
| अमृत काल | 06:58 AM – 08:38 AM |
| राहु काल | 07:15 AM – 08:48 AM |
| गुलिक काल | 01:26 PM – 02:58 PM |
| यमगण्ड | 10:20 AM – 11:53 AM |
| वर्ज्यम् | — |
| अभिजित मुहूर्त | 11:28 AM – 12:18 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया। |
| दुर्मुहूर्त | 02:46 PM – 03:35 PM |
| अमृत | 05:43 AM – 07:15 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 07:15 AM – 08:48 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 08:48 AM – 10:20 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 10:20 AM – 11:53 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 11:53 AM – 01:26 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 01:26 PM – 02:58 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 02:58 PM – 04:31 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 04:31 PM – 06:04 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| चर | 06:04 PM – 07:31 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 07:31 PM – 08:58 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 08:58 PM – 10:26 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 10:26 PM – 11:53 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 11:53 PM – 01:20 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 01:20 AM – 02:48 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 02:48 AM – 04:15 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 04:15 AM – 05:43 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
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