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VedicSpaceपंचांगवाराणसी › 2026-09-18

वाराणसी पंचांग — 18 सितम्बर 2026

शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि, ज्येष्ठा नक्षत्र · शुक्रवार · उत्तर प्रदेश (25.3176°, 82.9739°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना वाराणसी (25.3176°, 82.9739°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:45 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष सप्तमीतक 01:01 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रज्येष्ठा · पाद 2तक 10:44 PMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगप्रीतितक 01:34 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 01:01 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:45 AM
सूर्यास्त05:59 PM
चन्द्रोदय12:23 PM
चन्द्रास्त10:38 PM
चन्द्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशिकन्या
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:27 AM – 12:16 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:09 AM – 04:57 AM
अमृत काल12:38 PM – 02:25 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:20 AM – 11:52 AM
गुलिक काल07:16 AM – 08:48 AM
यमगण्ड02:55 PM – 04:27 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:38 AM – 11:27 AM
दुर्मुहूर्त01:54 PM – 02:43 PM

दिन चौघड़िया

चर05:45 AM – 07:16 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:16 AM – 08:48 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:48 AM – 10:20 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:20 AM – 11:52 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:52 AM – 01:23 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:23 PM – 02:55 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:55 PM – 04:27 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:27 PM – 05:59 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग05:59 PM – 07:27 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:27 PM – 08:55 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:55 PM – 10:23 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:23 PM – 11:52 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:52 PM – 01:20 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:20 AM – 02:48 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:48 AM – 04:16 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:16 AM – 05:45 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle