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VedicSpaceपंचांगवाराणसी › 2026-09-22

वाराणसी पंचांग — 22 सितम्बर 2026

शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र · मङ्गलवार · उत्तर प्रदेश (25.3176°, 82.9739°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना वाराणसी (25.3176°, 82.9739°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:46 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष एकादशीतक 09:43 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा · पाद 4तक 07:07 AMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगअतिगण्डतक 04:29 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणवणिजतक 08:56 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:46 AM
सूर्यास्त05:55 PM
चन्द्रोदय03:23 PM
चन्द्रास्त01:23 AM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिकन्या
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:26 AM – 12:14 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:10 AM – 04:58 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:52 PM – 04:23 PM
गुलिक काल11:50 AM – 01:21 PM
यमगण्ड08:48 AM – 10:19 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:37 AM – 11:26 AM
दुर्मुहूर्त01:52 PM – 02:40 PM

दिन चौघड़िया

रोग05:46 AM – 07:17 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:17 AM – 08:48 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:48 AM – 10:19 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:19 AM – 11:50 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:50 AM – 01:21 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:21 PM – 02:52 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:52 PM – 04:23 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:23 PM – 05:55 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल05:55 PM – 07:23 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:23 PM – 08:52 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:52 PM – 10:21 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:21 PM – 11:50 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:50 PM – 01:19 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:19 AM – 02:48 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:48 AM – 04:17 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:17 AM – 05:46 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle