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VedicSpaceपंचांगवाराणसी › 2026-11-23

वाराणसी पंचांग — 23 नवम्बर 2026

शुक्ल पक्ष चतुर्दशी तिथि, भरणी नक्षत्र · सोमवार · उत्तर प्रदेश (25.3176°, 82.9739°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना वाराणसी (25.3176°, 82.9739°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:20 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष चतुर्दशीतक 11:42 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रभरणी · पाद 1तक 02:02 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगवरीयान्तक 07:58 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 01:14 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:20 AM
सूर्यास्त05:08 PM
चन्द्रोदय03:54 PM
चन्द्रास्त04:37 AM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:44 AM – 05:32 AM
अमृत काल10:01 PM – 11:28 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल07:41 AM – 09:02 AM
गुलिक काल01:05 PM – 02:26 PM
यमगण्ड10:23 AM – 11:44 AM
वर्ज्यम्01:19 PM – 02:46 PM
अभिजित मुहूर्त11:22 AM – 12:05 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त02:15 PM – 02:58 PM

दिन चौघड़िया

अमृत06:20 AM – 07:41 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:41 AM – 09:02 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:02 AM – 10:23 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:23 AM – 11:44 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:44 AM – 01:05 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:05 PM – 02:26 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:26 PM – 03:47 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:47 PM – 05:08 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर05:08 PM – 06:47 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ06:47 PM – 08:26 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:26 PM – 10:05 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:05 PM – 11:44 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:44 PM – 01:23 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:23 AM – 03:02 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:02 AM – 04:41 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:41 AM – 06:20 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle