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VedicSpaceपंचांगवाराणसी › 2026-12-12

वाराणसी पंचांग — 12 दिसम्बर 2026

शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र · शनिवार · उत्तर प्रदेश (25.3176°, 82.9739°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना वाराणसी (25.3176°, 82.9739°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:34 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष तृतीयातक 02:06 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा · पाद 1तक 06:12 AMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगवृद्धितक 11:17 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 02:06 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:34 AM
सूर्यास्त05:10 PM
चन्द्रोदय09:12 AM
चन्द्रास्त07:51 PM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:30 AM – 12:13 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:58 AM – 05:46 AM
अमृत काल11:32 PM – 01:20 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:13 AM – 10:32 AM
गुलिक काल06:34 AM – 07:53 AM
यमगण्ड01:11 PM – 02:31 PM
वर्ज्यम्12:41 PM – 02:29 PM
दुर्मुहूर्त09:23 AM – 10:06 AM
दुर्मुहूर्त01:38 PM – 02:20 PM

दिन चौघड़िया

काल06:34 AM – 07:53 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:53 AM – 09:13 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:13 AM – 10:32 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:32 AM – 11:52 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:52 AM – 01:11 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:11 PM – 02:31 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:31 PM – 03:50 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:50 PM – 05:10 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ05:10 PM – 06:50 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत06:50 PM – 08:31 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:31 PM – 10:11 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:11 PM – 11:52 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:52 PM – 01:32 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:32 AM – 03:13 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:13 AM – 04:53 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:53 AM – 06:34 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle