VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगवाराणसी › 2026-12-16

वाराणसी पंचांग — 16 दिसम्बर 2026

शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि, शतभिषा नक्षत्र · बुधवार · उत्तर प्रदेश (25.3176°, 82.9739°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना वाराणसी (25.3176°, 82.9739°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:36 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष सप्तमीतक 10:46 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रशतभिषा · पाद 3तक 02:02 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगवज्रतक 01:46 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणगरतक 10:08 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:36 AM
सूर्यास्त05:11 PM
चन्द्रोदय11:26 AM
चन्द्रास्त11:25 PM
चन्द्र राशिकुम्भ
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त05:00 AM – 05:48 AM
अमृत काल06:51 AM – 08:35 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:53 AM – 01:12 PM
गुलिक काल10:34 AM – 11:53 AM
यमगण्ड07:55 AM – 09:14 AM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त11:32 AM – 12:14 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त09:25 AM – 10:07 AM

दिन चौघड़िया

लाभ06:36 AM – 07:55 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:55 AM – 09:14 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:14 AM – 10:34 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:34 AM – 11:53 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:53 AM – 01:12 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:12 PM – 02:32 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:32 PM – 03:51 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:51 PM – 05:11 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग05:11 PM – 06:51 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर06:51 PM – 08:32 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:32 PM – 10:12 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:12 PM – 11:53 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:53 PM – 01:34 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:34 AM – 03:14 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:14 AM – 04:55 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:55 AM – 06:36 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle