VedicSpace › पंचांग › वाराणसी › 2026-12-22
शुक्ल पक्ष त्रयोदशी तिथि, कृत्तिका नक्षत्र · मङ्गलवार · उत्तर प्रदेश (25.3176°, 82.9739°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948धनु (मार्गशीर्ष)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना वाराणसी (25.3176°, 82.9739°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:39 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल पक्ष त्रयोदशी | तक 02:24 PM | जया तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | मङ्गलवार | — | पराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | कृत्तिका · पाद 4 | तक 10:45 AM | मिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य। |
| योग | साध्य | तक 09:32 PM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | तैतिल | तक 02:24 PM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 06:39 AM |
| सूर्यास्त | 05:14 PM |
| चन्द्रोदय | 03:23 PM |
| चन्द्रास्त | 04:30 AM |
| चन्द्र राशि | वृषभ |
| सूर्य राशि | धनु |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · हेमन्त |
| अभिजित मुहूर्त | 11:35 AM – 12:17 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:03 AM – 05:51 AM |
| अमृत काल | 09:16 AM – 10:41 AM |
| राहु काल | 02:35 PM – 03:54 PM |
| गुलिक काल | 11:56 AM – 01:15 PM |
| यमगण्ड | 09:17 AM – 10:37 AM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 10:53 AM – 11:35 AM |
| दुर्मुहूर्त | 01:42 PM – 02:24 PM |
| रोग | 06:39 AM – 07:58 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 07:58 AM – 09:17 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 09:17 AM – 10:37 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 10:37 AM – 11:56 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 11:56 AM – 01:15 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 01:15 PM – 02:35 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 02:35 PM – 03:54 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 03:54 PM – 05:14 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| काल | 05:14 PM – 06:54 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 06:54 PM – 08:35 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 08:35 PM – 10:15 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 10:15 PM – 11:56 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 11:56 PM – 01:37 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 01:37 AM – 03:17 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 03:17 AM – 04:58 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 04:58 AM – 06:39 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
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