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VedicSpaceपंचांगवाराणसी › 2027-01-08

वाराणसी पंचांग — 8 जनवरी 2027

शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि, पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र · शुक्रवार · उत्तर प्रदेश (25.3176°, 82.9739°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949धनु (मार्गशीर्ष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना वाराणसी (25.3176°, 82.9739°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:45 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष प्रतिपदातक 04:34 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रपूर्वाषाढ़ा · पाद 4तक 09:13 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगव्याघाततक 03:22 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणकिंस्तुघ्नतक 03:14 PMस्थिर करण — शुभ, उत्तम आरम्भ का पोषक।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:45 AM
सूर्यास्त05:24 PM
चन्द्रोदय07:11 AM
चन्द्रास्त05:45 PM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशिधनु
अयन · ऋतुदक्षिणायन · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:43 AM – 12:25 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:09 AM – 05:57 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:44 AM – 12:04 PM
गुलिक काल08:04 AM – 09:24 AM
यमगण्ड02:44 PM – 04:04 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:00 AM – 11:43 AM
दुर्मुहूर्त01:51 PM – 02:33 PM

दिन चौघड़िया

चर06:45 AM – 08:04 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:04 AM – 09:24 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:24 AM – 10:44 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:44 AM – 12:04 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:04 PM – 01:24 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:24 PM – 02:44 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:44 PM – 04:04 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:04 PM – 05:24 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग05:24 PM – 07:04 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:04 PM – 08:44 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:44 PM – 10:24 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:24 PM – 12:04 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:04 AM – 01:44 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:44 AM – 03:24 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:24 AM – 05:04 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:04 AM – 06:45 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle