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VedicSpaceपंचांगवाराणसी › 2027-02-26

वाराणसी पंचांग — 26 फ़रवरी 2027

कृष्ण पक्ष षष्ठी तिथि, स्वाती नक्षत्र · शुक्रवार · उत्तर प्रदेश (25.3176°, 82.9739°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कुम्भ (माघ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना वाराणसी (25.3176°, 82.9739°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:24 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष षष्ठीतक 08:43 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रस्वाती · पाद 4तक 10:13 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगध्रुवतक 10:19 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 08:24 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:24 AM
सूर्यास्त05:58 PM
चन्द्रोदय11:33 PM
चन्द्रास्त09:27 AM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिकुम्भ
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:47 AM – 12:34 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:48 AM – 05:36 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:44 AM – 12:11 PM
गुलिक काल07:50 AM – 09:17 AM
यमगण्ड03:04 PM – 04:31 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:01 AM – 11:47 AM
दुर्मुहूर्त02:06 PM – 02:52 PM

दिन चौघड़िया

चर06:24 AM – 07:50 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:50 AM – 09:17 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:17 AM – 10:44 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:44 AM – 12:11 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:11 PM – 01:37 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:37 PM – 03:04 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:04 PM – 04:31 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:31 PM – 05:58 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग05:58 PM – 07:31 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:31 PM – 09:04 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:04 PM – 10:37 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:37 PM – 12:11 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:11 AM – 01:44 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:44 AM – 03:17 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:17 AM – 04:50 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:50 AM – 06:24 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle