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VedicSpaceपंचांगवाराणसी › 2027-03-14

वाराणसी पंचांग — 14 मार्च 2027

शुक्ल पक्ष षष्ठी तिथि, कृत्तिका नक्षत्र · रविवार · उत्तर प्रदेश (25.3176°, 82.9739°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कुम्भ (माघ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना वाराणसी (25.3176°, 82.9739°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:09 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष षष्ठीतक 12:32 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रकृत्तिका · पाद 4तक 10:23 AMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगविष्कुम्भतक 05:10 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणतैतिलतक 12:32 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:09 AM
सूर्यास्त06:07 PM
चन्द्रोदय09:47 AM
चन्द्रास्त12:00 AM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिकुम्भ
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:44 AM – 12:31 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:33 AM – 05:21 AM
अमृत काल08:13 AM – 09:46 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:37 PM – 06:07 PM
गुलिक काल03:07 PM – 04:37 PM
यमगण्ड12:08 PM – 01:37 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त04:31 PM – 05:19 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:09 AM – 07:38 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:38 AM – 09:08 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:08 AM – 10:38 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:38 AM – 12:08 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:08 PM – 01:37 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:37 PM – 03:07 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:07 PM – 04:37 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:37 PM – 06:07 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:07 PM – 07:37 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:37 PM – 09:07 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:07 PM – 10:37 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:37 PM – 12:08 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:08 AM – 01:38 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:38 AM – 03:08 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:08 AM – 04:38 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:38 AM – 06:09 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle