VedicSpace › पंचांग › वाराणसी › 2027-04-22
कृष्ण पक्ष द्वितीया तिथि, विशाखा नक्षत्र · गुरुवार · उत्तर प्रदेश (25.3176°, 82.9739°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मेष (चैत्र)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना वाराणसी (25.3176°, 82.9739°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:30 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष द्वितीया | तक 03:37 AM | भद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक। |
| वार | गुरुवार | — | सर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान। |
| नक्षत्र | विशाखा · पाद 1 | तक 05:32 AM | मिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य। |
| योग | सिद्धि | तक 02:57 PM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | तैतिल | तक 03:29 PM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 05:30 AM |
| सूर्यास्त | 06:24 PM |
| चन्द्रोदय | 08:03 PM |
| चन्द्रास्त | 05:55 AM |
| चन्द्र राशि | तुला |
| सूर्य राशि | मेष |
| अयन · ऋतु | उत्तरायण · वसन्त |
| अभिजित मुहूर्त | 11:31 AM – 12:22 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 03:54 AM – 04:42 AM |
| अमृत काल | 07:56 PM – 09:35 PM |
| राहु काल | 01:33 PM – 03:10 PM |
| गुलिक काल | 08:43 AM – 10:20 AM |
| यमगण्ड | 05:30 AM – 07:06 AM |
| वर्ज्यम् | 10:00 AM – 11:40 AM |
| दुर्मुहूर्त | 01:14 PM – 02:06 PM |
| दुर्मुहूर्त | 04:40 PM – 05:32 PM |
| शुभ | 05:30 AM – 07:06 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 07:06 AM – 08:43 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 08:43 AM – 10:20 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 10:20 AM – 11:57 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 11:57 AM – 01:33 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 01:33 PM – 03:10 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 03:10 PM – 04:47 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 04:47 PM – 06:24 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| अमृत | 06:24 PM – 07:47 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 07:47 PM – 09:10 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 09:10 PM – 10:33 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 10:33 PM – 11:57 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 11:57 PM – 01:20 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 01:20 AM – 02:43 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 02:43 AM – 04:06 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 04:06 AM – 05:30 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
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