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VedicSpaceपंचांगविशाखापत्तनम › 2026-03-16

विशाखापत्तनम पंचांग — 16 मार्च 2026

कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि, धनिष्ठा नक्षत्र · सोमवार · आंध्र प्रदेश (17.6868°, 83.2185°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मीन (फाल्गुन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना विशाखापत्तनम (17.6868°, 83.2185°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:04 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष द्वादशीतक 09:41 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रधनिष्ठा · पाद 1तक 06:22 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगशिवतक 09:36 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणतैतिलतक 09:41 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:04 AM
सूर्यास्त06:07 PM
चन्द्रोदय04:09 AM
चन्द्रास्त03:40 PM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिमीन
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:28 AM – 05:16 AM
अमृत काल07:51 PM – 09:28 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल07:34 AM – 09:04 AM
गुलिक काल01:35 PM – 03:06 PM
यमगण्ड10:35 AM – 12:05 PM
वर्ज्यम्10:04 AM – 11:42 AM
अभिजित मुहूर्त11:41 AM – 12:29 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त02:54 PM – 03:42 PM

दिन चौघड़िया

अमृत06:04 AM – 07:34 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:34 AM – 09:04 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:04 AM – 10:35 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:35 AM – 12:05 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:05 PM – 01:35 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:35 PM – 03:06 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:06 PM – 04:36 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:36 PM – 06:07 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर06:07 PM – 07:36 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:36 PM – 09:06 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:06 PM – 10:35 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:35 PM – 12:05 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:05 AM – 01:35 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:35 AM – 03:04 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:04 AM – 04:34 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:34 AM – 06:04 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle