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VedicSpaceपंचांगविशाखापत्तनम › 2026-09-05

विशाखापत्तनम पंचांग — 5 सितम्बर 2026

कृष्ण पक्ष नवमी तिथि, मृगशिरा नक्षत्र · शनिवार · आंध्र प्रदेश (17.6868°, 83.2185°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना विशाखापत्तनम (17.6868°, 83.2185°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:43 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष नवमीतक 09:54 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रमृगशिरा · पाद 2तक 09:31 PMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगवज्रतक 12:47 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणतैतिलतक 11:04 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:43 AM
सूर्यास्त06:08 PM
चन्द्रोदय12:36 AM
चन्द्रास्त01:16 PM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:30 AM – 12:20 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:07 AM – 04:55 AM
अमृत काल01:00 PM – 02:30 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल08:49 AM – 10:22 AM
गुलिक काल05:43 AM – 07:16 AM
यमगण्ड01:28 PM – 03:01 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त09:01 AM – 09:51 AM
दुर्मुहूर्त01:59 PM – 02:49 PM

दिन चौघड़िया

काल05:43 AM – 07:16 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:16 AM – 08:49 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:49 AM – 10:22 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:22 AM – 11:55 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:55 AM – 01:28 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:28 PM – 03:01 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:01 PM – 04:34 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:34 PM – 06:08 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ06:08 PM – 07:34 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:34 PM – 09:01 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:01 PM – 10:28 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:28 PM – 11:55 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:55 PM – 01:22 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:22 AM – 02:49 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:49 AM – 04:16 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:16 AM – 05:43 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle