VedicSpace › पंचांग › विशाखापत्तनम › 2026-10-11
शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि, चित्रा नक्षत्र · रविवार · आंध्र प्रदेश (17.6868°, 83.2185°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना विशाखापत्तनम (17.6868°, 83.2185°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:49 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल पक्ष प्रतिपदा | तक 09:31 PM | नन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | रविवार | — | अधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण। |
| नक्षत्र | चित्रा · पाद 2 | तक 10:32 PM | मृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख। |
| योग | वैधृति | तक 09:05 PM | महापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित। |
| करण | किंस्तुघ्न | तक 09:22 AM | स्थिर करण — शुभ, उत्तम आरम्भ का पोषक। |
| सूर्योदय | 05:49 AM |
| सूर्यास्त | 05:38 PM |
| चन्द्रोदय | 06:15 AM |
| चन्द्रास्त | 05:52 PM |
| चन्द्र राशि | कन्या |
| सूर्य राशि | कन्या |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · वर्षा |
| अभिजित मुहूर्त | 11:19 AM – 12:07 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:13 AM – 05:01 AM |
| अमृत काल | 03:43 PM – 05:22 PM |
| राहु काल | 04:09 PM – 05:38 PM |
| गुलिक काल | 02:40 PM – 04:09 PM |
| यमगण्ड | 11:43 AM – 01:12 PM |
| वर्ज्यम् | 05:45 AM – 07:24 AM |
| दुर्मुहूर्त | 04:03 PM – 04:50 PM |
| उद्वेग | 05:49 AM – 07:17 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 07:17 AM – 08:46 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 08:46 AM – 10:14 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 10:14 AM – 11:43 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 11:43 AM – 01:12 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 01:12 PM – 02:40 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 02:40 PM – 04:09 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 04:09 PM – 05:38 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 05:38 PM – 07:09 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 07:09 PM – 08:40 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 08:40 PM – 10:12 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 10:12 PM – 11:43 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 11:43 PM – 01:14 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 01:14 AM – 02:46 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 02:46 AM – 04:17 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 04:17 AM – 05:49 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
यह दिन आपकी कुंडली पर: अपनी कुंडली बनाएँ · मुहूर्त खोजें · मेरा 90-दिन का पंचांग
09 Oct 202610 Oct 202612 Oct 202613 Oct 202614 Oct 202618 Oct 2026
लखनऊदिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरवाराणसीपटना