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VedicSpaceपंचांगविशाखापत्तनम › 2026-11-04

विशाखापत्तनम पंचांग — 4 नवम्बर 2026

कृष्ण पक्ष दशमी तिथि, पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र · बुधवार · आंध्र प्रदेश (17.6868°, 83.2185°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना विशाखापत्तनम (17.6868°, 83.2185°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:57 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष दशमीतक 11:03 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रपूर्वा फाल्गुनी · पाद 1तक 03:30 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगब्रह्मतक 08:01 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 11:03 AMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:57 AM
सूर्यास्त05:24 PM
चन्द्रोदय01:30 AM
चन्द्रास्त02:02 PM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:21 AM – 05:09 AM
अमृत काल09:02 PM – 10:38 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:40 AM – 01:06 PM
गुलिक काल10:14 AM – 11:40 AM
यमगण्ड07:22 AM – 08:48 AM
वर्ज्यम्11:24 AM – 01:00 PM
अभिजित मुहूर्त11:17 AM – 12:03 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त09:00 AM – 09:46 AM

दिन चौघड़िया

लाभ05:57 AM – 07:22 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:22 AM – 08:48 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:48 AM – 10:14 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:14 AM – 11:40 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:40 AM – 01:06 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:06 PM – 02:32 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:32 PM – 03:58 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:58 PM – 05:24 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग05:24 PM – 06:58 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर06:58 PM – 08:32 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:32 PM – 10:06 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:06 PM – 11:40 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:40 PM – 01:14 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:14 AM – 02:48 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:48 AM – 04:22 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:22 AM – 05:57 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle