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VedicSpaceपंचांगविशाखापत्तनम › 2026-12-11

विशाखापत्तनम पंचांग — 11 दिसम्बर 2026

शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि, पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र · शुक्रवार · आंध्र प्रदेश (17.6868°, 83.2185°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना विशाखापत्तनम (17.6868°, 83.2185°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:17 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष द्वितीयातक 11:23 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रपूर्वाषाढ़ा · पाद 1तक 03:04 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगगण्डतक 10:18 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणकौलवतक 11:23 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:17 AM
सूर्यास्त05:23 PM
चन्द्रोदय08:10 AM
चन्द्रास्त07:13 PM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:27 AM – 12:12 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:41 AM – 05:29 AM
अमृत काल09:56 PM – 11:44 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:26 AM – 11:50 AM
गुलिक काल07:40 AM – 09:03 AM
यमगण्ड02:36 PM – 03:59 PM
वर्ज्यम्11:05 AM – 12:53 PM
दुर्मुहूर्त10:43 AM – 11:27 AM
दुर्मुहूर्त01:41 PM – 02:25 PM

दिन चौघड़िया

चर06:17 AM – 07:40 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:40 AM – 09:03 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:03 AM – 10:26 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:26 AM – 11:50 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:50 AM – 01:13 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:13 PM – 02:36 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:36 PM – 03:59 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:59 PM – 05:23 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग05:23 PM – 06:59 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग06:59 PM – 08:36 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:36 PM – 10:13 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:13 PM – 11:50 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:50 PM – 01:26 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:26 AM – 03:03 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:03 AM – 04:40 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:40 AM – 06:17 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle