VedicSpace › पंचांग › विशाखापत्तनम › 2027-02-06
कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि, श्रवण नक्षत्र · शनिवार · आंध्र प्रदेश (17.6868°, 83.2185°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मकर (पौष)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना विशाखापत्तनम (17.6868°, 83.2185°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:28 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष अमावस्या | तक 09:26 PM | पूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | शनिवार | — | श्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | श्रवण · पाद 2 | तक 09:19 PM | चर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म। |
| योग | व्यतीपात | तक 09:14 PM | महापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित। |
| करण | चतुष्पाद | तक 08:18 AM | स्थिर करण — गोधन, स्थिर कार्य; शुभ आरम्भ हेतु मन्द। |
| सूर्योदय | 06:28 AM |
| सूर्यास्त | 05:55 PM |
| चन्द्रोदय | 06:13 AM |
| चन्द्रास्त | 05:39 PM |
| चन्द्र राशि | मकर |
| सूर्य राशि | मकर |
| अयन · ऋतु | उत्तरायण · हेमन्त |
| अभिजित मुहूर्त | 11:48 AM – 12:34 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:52 AM – 05:40 AM |
| अमृत काल | 10:12 AM – 11:59 AM |
| राहु काल | 09:19 AM – 10:45 AM |
| गुलिक काल | 06:28 AM – 07:53 AM |
| यमगण्ड | 01:37 PM – 03:03 PM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 09:31 AM – 10:17 AM |
| दुर्मुहूर्त | 02:06 PM – 02:51 PM |
| काल | 06:28 AM – 07:53 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 07:53 AM – 09:19 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 09:19 AM – 10:45 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 10:45 AM – 12:11 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 12:11 PM – 01:37 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 01:37 PM – 03:03 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 03:03 PM – 04:29 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 04:29 PM – 05:55 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| लाभ | 05:55 PM – 07:29 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 07:29 PM – 09:03 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 09:03 PM – 10:37 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 10:37 PM – 12:11 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 12:11 AM – 01:45 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 01:45 AM – 03:19 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 03:19 AM – 04:53 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 04:53 AM – 06:28 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
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