VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगविशाखापत्तनम › 2027-02-28

विशाखापत्तनम पंचांग — 28 फ़रवरी 2027

कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि, अनुराधा नक्षत्र · रविवार · आंध्र प्रदेश (17.6868°, 83.2185°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कुम्भ (माघ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना विशाखापत्तनम (17.6868°, 83.2185°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:16 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष अष्टमीतक 11:46 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रअनुराधा · पाद 3तक 01:47 PMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगहर्षणतक 10:28 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 10:46 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:16 AM
सूर्यास्त06:03 PM
चन्द्रोदय12:12 AM
चन्द्रास्त11:13 AM
चन्द्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशिकुम्भ
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:45 AM – 12:33 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:40 AM – 05:28 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:34 PM – 06:03 PM
गुलिक काल03:06 PM – 04:34 PM
यमगण्ड12:09 PM – 01:37 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त04:28 PM – 05:15 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:16 AM – 07:44 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:44 AM – 09:12 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:12 AM – 10:41 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:41 AM – 12:09 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:09 PM – 01:37 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:37 PM – 03:06 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:06 PM – 04:34 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:34 PM – 06:03 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:03 PM – 07:34 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:34 PM – 09:06 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:06 PM – 10:37 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:37 PM – 12:09 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:09 AM – 01:41 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:41 AM – 03:12 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:12 AM – 04:44 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:44 AM – 06:16 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle