VedicSpace › पंचांग › विशाखापत्तनम › 2027-03-06
कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि, धनिष्ठा नक्षत्र · शनिवार · आंध्र प्रदेश (17.6868°, 83.2185°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कुम्भ (माघ)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना विशाखापत्तनम (17.6868°, 83.2185°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:12 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष त्रयोदशी | तक 12:04 PM | जया तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | शनिवार | — | श्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | धनिष्ठा · पाद 1 | तक 06:42 AM | चर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म। |
| योग | शिव | तक 03:05 AM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | वणिज | तक 12:04 PM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 06:12 AM |
| सूर्यास्त | 06:05 PM |
| चन्द्रोदय | 04:49 AM |
| चन्द्रास्त | 04:23 PM |
| चन्द्र राशि | मकर |
| सूर्य राशि | कुम्भ |
| अयन · ऋतु | उत्तरायण · शिशिर |
| अभिजित मुहूर्त | 11:44 AM – 12:32 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:36 AM – 05:24 AM |
| अमृत काल | 07:29 PM – 09:14 PM |
| राहु काल | 09:10 AM – 10:39 AM |
| गुलिक काल | 06:12 AM – 07:41 AM |
| यमगण्ड | 01:37 PM – 03:06 PM |
| वर्ज्यम् | 08:57 AM – 10:42 AM |
| दुर्मुहूर्त | 09:22 AM – 10:09 AM |
| दुर्मुहूर्त | 02:07 PM – 02:54 PM |
| काल | 06:12 AM – 07:41 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 07:41 AM – 09:10 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 09:10 AM – 10:39 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 10:39 AM – 12:08 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 12:08 PM – 01:37 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 01:37 PM – 03:06 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 03:06 PM – 04:35 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 04:35 PM – 06:05 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| लाभ | 06:05 PM – 07:35 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 07:35 PM – 09:06 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 09:06 PM – 10:37 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 10:37 PM – 12:08 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 12:08 AM – 01:39 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 01:39 AM – 03:10 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 03:10 AM – 04:41 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 04:41 AM – 06:12 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
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