VedicSpace › पंचांग › विशाखापत्तनम › 2027-04-02
कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि, श्रवण नक्षत्र · शुक्रवार · आंध्र प्रदेश (17.6868°, 83.2185°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मीन (फाल्गुन)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना विशाखापत्तनम (17.6868°, 83.2185°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:51 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष एकादशी | तक 02:52 AM | नन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | शुक्रवार | — | कला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख। |
| नक्षत्र | श्रवण · पाद 4 | तक 12:16 PM | चर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म। |
| योग | सिद्ध | तक 09:41 AM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | बव | तक 01:52 PM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 05:51 AM |
| सूर्यास्त | 06:11 PM |
| चन्द्रोदय | 02:46 AM |
| चन्द्रास्त | 02:15 PM |
| चन्द्र राशि | मकर |
| सूर्य राशि | मीन |
| अयन · ऋतु | उत्तरायण · शिशिर |
| अभिजित मुहूर्त | 11:36 AM – 12:25 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:15 AM – 05:03 AM |
| अमृत काल | — |
| राहु काल | 10:28 AM – 12:01 PM |
| गुलिक काल | 07:23 AM – 08:56 AM |
| यमगण्ड | 03:06 PM – 04:38 PM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 10:47 AM – 11:36 AM |
| दुर्मुहूर्त | 02:04 PM – 02:53 PM |
| चर | 05:51 AM – 07:23 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 07:23 AM – 08:56 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 08:56 AM – 10:28 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 10:28 AM – 12:01 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 12:01 PM – 01:33 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 01:33 PM – 03:06 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 03:06 PM – 04:38 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 04:38 PM – 06:11 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| रोग | 06:11 PM – 07:38 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 07:38 PM – 09:06 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 09:06 PM – 10:33 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 10:33 PM – 12:01 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 12:01 AM – 01:28 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 01:28 AM – 02:56 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 02:56 AM – 04:23 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 04:23 AM – 05:51 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
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