VedicSpace › पंचांग › विशाखापत्तनम › 2027-05-13
शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि, आश्लेषा नक्षत्र · गुरुवार · आंध्र प्रदेश (17.6868°, 83.2185°)
दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मेष (चैत्र)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना विशाखापत्तनम (17.6868°, 83.2185°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:25 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल पक्ष अष्टमी | तक 09:18 PM | जया तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | गुरुवार | — | सर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान। |
| नक्षत्र | आश्लेषा · पाद 3 | तक 01:41 PM | तीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित। |
| योग | वृद्धि | तक 11:20 AM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | विष्टि (भद्रा) | तक 10:13 AM | भद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु। |
| सूर्योदय | 05:25 AM |
| सूर्यास्त | 06:22 PM |
| चन्द्रोदय | 12:03 PM |
| चन्द्रास्त | 12:07 AM |
| चन्द्र राशि | कर्क |
| सूर्य राशि | मेष |
| अयन · ऋतु | उत्तरायण · वसन्त |
| अभिजित मुहूर्त | 11:27 AM – 12:19 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 03:49 AM – 04:37 AM |
| अमृत काल | 11:34 AM – 01:06 PM |
| राहु काल | 01:30 PM – 03:07 PM |
| गुलिक काल | 08:39 AM – 10:16 AM |
| यमगण्ड | 05:25 AM – 07:02 AM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 01:11 PM – 02:03 PM |
| दुर्मुहूर्त | 04:38 PM – 05:30 PM |
| शुभ | 05:25 AM – 07:02 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 07:02 AM – 08:39 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 08:39 AM – 10:16 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 10:16 AM – 11:53 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 11:53 AM – 01:30 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 01:30 PM – 03:07 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 03:07 PM – 04:44 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 04:44 PM – 06:22 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| अमृत | 06:22 PM – 07:44 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 07:44 PM – 09:07 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 09:07 PM – 10:30 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 10:30 PM – 11:53 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 11:53 PM – 01:16 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 01:16 AM – 02:39 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 02:39 AM – 04:02 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 04:02 AM – 05:25 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
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