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VedicSpaceपंचांगविशाखापत्तनम › 2027-06-13

विशाखापत्तनम पंचांग — 13 जून 2027

शुक्ल पक्ष दशमी तिथि, हस्त नक्षत्र · रविवार · आंध्र प्रदेश (17.6868°, 83.2185°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949वृषभ (वैशाख)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना विशाखापत्तनम (17.6868°, 83.2185°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:22 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष दशमीतक 02:12 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रहस्त · पाद 3तक 05:00 PMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगव्यतीपाततक 09:05 AMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणतैतिलतक 02:25 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:22 AM
सूर्यास्त06:33 PM
चन्द्रोदय01:40 PM
चन्द्रास्त12:45 AM
चन्द्र राशिकन्या
सूर्य राशिवृषभ
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:31 AM – 12:23 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:46 AM – 04:34 AM
अमृत काल10:20 AM – 11:56 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:54 PM – 06:33 PM
गुलिक काल03:15 PM – 04:54 PM
यमगण्ड11:57 AM – 01:36 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त04:47 PM – 05:40 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग05:22 AM – 07:00 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:00 AM – 08:39 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:39 AM – 10:18 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:18 AM – 11:57 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:57 AM – 01:36 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:36 PM – 03:15 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:15 PM – 04:54 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:54 PM – 06:33 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:33 PM – 07:54 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:54 PM – 09:15 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:15 PM – 10:36 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:36 PM – 11:57 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:57 PM – 01:18 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:18 AM – 02:39 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:39 AM – 04:00 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:00 AM – 05:22 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle