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VedicSpaceपंचांगविशाखापत्तनम › 2027-07-07

विशाखापत्तनम पंचांग — 7 जुलाई 2027

शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि, मघा नक्षत्र · बुधवार · आंध्र प्रदेश (17.6868°, 83.2185°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मिथुन (ज्येष्ठ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना विशाखापत्तनम (17.6868°, 83.2185°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:27 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष चतुर्थीतक 06:44 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रमघा · पाद 1तक 01:56 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगसिद्धितक 11:58 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 08:13 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:27 AM
सूर्यास्त06:37 PM
चन्द्रोदय08:43 AM
चन्द्रास्त09:25 PM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशिमिथुन
अयन · ऋतुउत्तरायण · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त03:51 AM – 04:39 AM
अमृत काल11:11 PM – 12:39 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:02 PM – 01:40 PM
गुलिक काल10:23 AM – 12:02 PM
यमगण्ड07:05 AM – 08:44 AM
वर्ज्यम्02:26 PM – 03:53 PM
अभिजित मुहूर्त11:35 AM – 12:28 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त08:57 AM – 09:50 AM

दिन चौघड़िया

लाभ05:27 AM – 07:05 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:05 AM – 08:44 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:44 AM – 10:23 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:23 AM – 12:02 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:02 PM – 01:40 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:40 PM – 03:19 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:19 PM – 04:58 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:58 PM – 06:37 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग06:37 PM – 07:58 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:58 PM – 09:19 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:19 PM – 10:40 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:40 PM – 12:02 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:02 AM – 01:23 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:23 AM – 02:44 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:44 AM – 04:05 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:05 AM – 05:27 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle