VedicSpace › पंचांग › विशाखापत्तनम › 2027-09-23
कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि, मृगशिरा नक्षत्र · गुरुवार · आंध्र प्रदेश (17.6868°, 83.2185°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कन्या (भाद्रपद)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना विशाखापत्तनम (17.6868°, 83.2185°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:46 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष अष्टमी | तक 02:57 AM | जया तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | गुरुवार | — | सर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान। |
| नक्षत्र | मृगशिरा · पाद 3 | तक 05:07 PM | मृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख। |
| योग | व्यतीपात | तक 11:35 PM | महापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित। |
| करण | बालव | तक 03:50 PM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 05:46 AM |
| सूर्यास्त | 05:53 PM |
| चन्द्रोदय | 11:37 PM |
| चन्द्रास्त | 12:14 PM |
| चन्द्र राशि | मिथुन |
| सूर्य राशि | कन्या |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · वर्षा |
| अभिजित मुहूर्त | 11:25 AM – 12:13 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:10 AM – 04:58 AM |
| अमृत काल | 08:23 AM – 09:56 AM |
| राहु काल | 01:20 PM – 02:51 PM |
| गुलिक काल | 08:47 AM – 10:18 AM |
| यमगण्ड | 05:46 AM – 07:16 AM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 01:02 PM – 01:50 PM |
| दुर्मुहूर्त | 04:16 PM – 05:04 PM |
| शुभ | 05:46 AM – 07:16 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 07:16 AM – 08:47 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 08:47 AM – 10:18 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 10:18 AM – 11:49 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 11:49 AM – 01:20 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 01:20 PM – 02:51 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 02:51 PM – 04:22 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 04:22 PM – 05:53 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| अमृत | 05:53 PM – 07:22 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 07:22 PM – 08:51 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 08:51 PM – 10:20 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 10:20 PM – 11:49 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 11:49 PM – 01:18 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 01:18 AM – 02:47 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 02:47 AM – 04:16 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 04:16 AM – 05:46 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
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