VedicSpace › पंचांग › वृंदावन › 2026-08-24
शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि, पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र · सोमवार · उत्तर प्रदेश (27.5806°, 77.6961°)
दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना वृंदावन (27.5806°, 77.6961°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:54 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल पक्ष द्वादशी | तक 06:21 AM | भद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक। |
| वार | सोमवार | — | यात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म। |
| नक्षत्र | पूर्वाषाढ़ा · पाद 2 | तक 08:28 PM | उग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित। |
| योग | प्रीति | तक 07:04 AM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | बव | तक 05:22 PM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 05:54 AM |
| सूर्यास्त | 06:49 PM |
| चन्द्रोदय | 04:35 PM |
| चन्द्रास्त | 01:57 AM |
| चन्द्र राशि | धनु |
| सूर्य राशि | सिंह |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · वर्षा |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:18 AM – 05:06 AM |
| अमृत काल | 03:02 PM – 04:49 PM |
| राहु काल | 07:30 AM – 09:07 AM |
| गुलिक काल | 01:58 PM – 03:35 PM |
| यमगण्ड | 10:44 AM – 12:21 PM |
| वर्ज्यम् | 04:22 AM – 06:09 AM |
| अभिजित मुहूर्त | 11:55 AM – 12:47 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया। |
| दुर्मुहूर्त | 03:22 PM – 04:14 PM |
| अमृत | 05:54 AM – 07:30 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 07:30 AM – 09:07 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 09:07 AM – 10:44 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 10:44 AM – 12:21 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 12:21 PM – 01:58 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 01:58 PM – 03:35 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 03:35 PM – 05:12 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 05:12 PM – 06:49 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| चर | 06:49 PM – 08:12 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 08:12 PM – 09:35 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 09:35 PM – 10:58 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 10:58 PM – 12:21 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 12:21 AM – 01:44 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 01:44 AM – 03:07 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 03:07 AM – 04:30 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 04:30 AM – 05:54 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
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