VedicSpace › पंचांग › वृंदावन › 2026-09-19
शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि, मूल नक्षत्र · शनिवार · उत्तर प्रदेश (27.5806°, 77.6961°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना वृंदावन (27.5806°, 77.6961°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:06 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल पक्ष अष्टमी | तक 03:27 PM | जया तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | शनिवार | — | श्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | मूल · पाद 2 | तक 01:43 AM | तीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित। |
| योग | आयुष्मान् | तक 02:29 PM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | बव | तक 03:27 PM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 06:06 AM |
| सूर्यास्त | 06:20 PM |
| चन्द्रोदय | 01:42 PM |
| चन्द्रास्त | 11:46 PM |
| चन्द्र राशि | धनु |
| सूर्य राशि | कन्या |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · वर्षा |
| अभिजित मुहूर्त | 11:48 AM – 12:37 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:30 AM – 05:18 AM |
| अमृत काल | 06:37 PM – 08:25 PM |
| राहु काल | 09:09 AM – 10:41 AM |
| गुलिक काल | 06:06 AM – 07:37 AM |
| यमगण्ड | 01:44 PM – 03:16 PM |
| वर्ज्यम् | 07:50 AM – 09:38 AM |
| दुर्मुहूर्त | 09:21 AM – 10:10 AM |
| दुर्मुहूर्त | 02:15 PM – 03:04 PM |
| काल | 06:06 AM – 07:37 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 07:37 AM – 09:09 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 09:09 AM – 10:41 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 10:41 AM – 12:13 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 12:13 PM – 01:44 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 01:44 PM – 03:16 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 03:16 PM – 04:48 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 04:48 PM – 06:20 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| लाभ | 06:20 PM – 07:48 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 07:48 PM – 09:16 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 09:16 PM – 10:44 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 10:44 PM – 12:13 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 12:13 AM – 01:41 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 01:41 AM – 03:09 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 03:09 AM – 04:37 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 04:37 AM – 06:06 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
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