VedicSpace › पंचांग › वृंदावन › 2026-10-22
शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि, शतभिषा नक्षत्र · गुरुवार · उत्तर प्रदेश (27.5806°, 77.6961°)
दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना वृंदावन (27.5806°, 77.6961°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:23 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल पक्ष एकादशी | तक 02:48 PM | नन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | गुरुवार | — | सर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान। |
| नक्षत्र | शतभिषा · पाद 2 | तक 08:49 PM | चर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म। |
| योग | वृद्धि | तक 11:39 PM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | विष्टि (भद्रा) | तक 02:48 PM | भद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु। |
| सूर्योदय | 06:23 AM |
| सूर्यास्त | 05:44 PM |
| चन्द्रोदय | 03:22 PM |
| चन्द्रास्त | 02:18 AM |
| चन्द्र राशि | कुम्भ |
| सूर्य राशि | तुला |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · शरद् |
| अभिजित मुहूर्त | 11:40 AM – 12:26 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:47 AM – 05:35 AM |
| अमृत काल | 01:44 PM – 03:24 PM |
| राहु काल | 01:28 PM – 02:53 PM |
| गुलिक काल | 09:13 AM – 10:38 AM |
| यमगण्ड | 06:23 AM – 07:48 AM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 01:11 PM – 01:57 PM |
| दुर्मुहूर्त | 04:13 PM – 04:58 PM |
| शुभ | 06:23 AM – 07:48 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 07:48 AM – 09:13 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 09:13 AM – 10:38 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 10:38 AM – 12:03 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 12:03 PM – 01:28 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 01:28 PM – 02:53 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 02:53 PM – 04:18 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 04:18 PM – 05:44 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| अमृत | 05:44 PM – 07:18 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 07:18 PM – 08:53 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 08:53 PM – 10:28 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 10:28 PM – 12:03 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 12:03 AM – 01:38 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 01:38 AM – 03:13 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 03:13 AM – 04:48 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 04:48 AM – 06:23 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
यह दिन आपकी कुंडली पर: अपनी कुंडली बनाएँ · मुहूर्त खोजें · मेरा 90-दिन का पंचांग
20 Oct 202621 Oct 202623 Oct 202624 Oct 202625 Oct 202629 Oct 2026
लखनऊदिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरवाराणसीपटना