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VedicSpaceपंचांगवृंदावन › 2027-02-15

वृंदावन पंचांग — 15 फ़रवरी 2027

शुक्ल पक्ष नवमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र · सोमवार · उत्तर प्रदेश (27.5806°, 77.6961°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कुम्भ (माघ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना वृंदावन (27.5806°, 77.6961°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:57 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष नवमीतक 10:44 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्ररोहिणी · पाद 1तक 03:25 AMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगइन्द्रतक 12:33 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 11:46 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:57 AM
सूर्यास्त06:10 PM
चन्द्रोदय12:07 PM
चन्द्रास्त01:30 AM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिकुम्भ
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त05:21 AM – 06:09 AM
अमृत काल01:21 AM – 02:52 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल08:21 AM – 09:45 AM
गुलिक काल01:57 PM – 03:21 PM
यमगण्ड11:09 AM – 12:33 PM
वर्ज्यम्08:50 PM – 10:20 PM
अभिजित मुहूर्त12:11 PM – 12:55 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त03:10 PM – 03:55 PM

दिन चौघड़िया

अमृत06:57 AM – 08:21 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:21 AM – 09:45 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:45 AM – 11:09 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:09 AM – 12:33 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:33 PM – 01:57 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:57 PM – 03:21 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:21 PM – 04:45 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:45 PM – 06:10 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर06:10 PM – 07:45 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:45 PM – 09:21 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:21 PM – 10:57 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:57 PM – 12:33 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:33 AM – 02:09 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:09 AM – 03:45 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:45 AM – 05:21 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:21 AM – 06:57 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle